चप्पल पहनकर सोनपापड़ी? वायरल वीडियो ने मचा दिया हड़कंप, खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल
लखीमपुर में सोनपापड़ी फैक्ट्री का कथित वीडियो वायरल, पैरों से मिठाई पर दबाव डालने का आरोप; प्रशासन ने लिया संज्ञान

जिस मिठाई को लोग बड़े चाव से खाते हैं, अगर उसी मिठाई को तैयार करने का तरीका देखकर आपके होश उड़ जाएं तो? लखीमपुर खीरी से सामने आए एक कथित वायरल वीडियो ने सोनपापड़ी की साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
लखीमपुर खीरी। जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में पनगी गांव के रंगीलानगर के पास स्थित एक सोनपापड़ी फैक्ट्री का बताया जा रहा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर कुछ कारीगर सोनपापड़ी तैयार करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि इस दौरान कारीगर चप्पल पहने हुए दिखाई दे रहे हैं और पैरों से सोनपापड़ी पर दबाव डालते नजर आते हैं।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और निर्माण प्रक्रिया को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियां वास्तव में उसी फैक्ट्री की हैं और वीडियो सही है, तो खाद्य पदार्थ तैयार करने के दौरान स्वच्छता के मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया?
आखिर वीडियो में ऐसा क्या दिखा?
वायरल वीडियो में कथित तौर पर सोनपापड़ी तैयार करने की प्रक्रिया दिखाई दे रही है। इसमें कारीगर चप्पल पहने नजर आते हैं और आरोप है कि पैरों के जरिए सोनपापड़ी पर दबाव बनाया जा रहा है। खाद्य पदार्थों के सीधे संपर्क में इस तरह की कथित गतिविधि ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
हालांकि, यहां यह साफ करना जरूरी है कि वायरल वीडियो की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वीडियो कब का है, किस परिस्थिति में बनाया गया और उसमें दिखाई दे रही गतिविधि वास्तव में किस फैक्ट्री की है—इन तमाम सवालों का जवाब जांच के बाद ही पूरी तरह सामने आएगा।
खाद्य विभाग की निगरानी पर भी सवाल
मामला सामने आने के बाद खाद्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि खाद्य पदार्थ बनाने वाली फैक्ट्री में साफ-सफाई और हाइजीन के मानकों की निगरानी किस तरह की जा रही थी? क्या फैक्ट्री का नियमित निरीक्षण हुआ था? अगर हुआ था तो ऐसी कथित लापरवाही सामने कैसे आई?
वायरल वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासन ने भी मामले का संज्ञान लिया है। अपर जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह ने वीडियो के संज्ञान में आने की पुष्टि करते हुए उचित कार्रवाई की बात कही है। हालांकि, वीसी का हवाला देते हुए उन्होंने फिलहाल कैमरे के सामने बयान देने से इनकार किया।
जांच के बाद खुलेगा पूरा सच
अब निगाहें प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच पर हैं। जांच में अगर वायरल वीडियो की पुष्टि होती है और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो फैक्ट्री संचालक और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है, यह देखने वाली बात होगी।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। वीडियो की सच्चाई और उसमें दिखाई दे रही गतिविधियों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।



